डाउन पेमेंट कैलकुलेटर
डाउन पेमेंट राशि और आवश्यक लोन जानें।
📐 Down Payment = Home Price × Down Payment% · Loan Amount = Home Price − Down Payment
डाउन पेमेंट वह अग्रिम नकद भुगतान है जो आप घर, कार या किसी अन्य महंगी चीज़ खरीदते समय करते हैं — यानी खरीद मूल्य और लोन राशि के बीच का अंतर। आपका डाउन पेमेंट कितना है, इसका असर लोन की योग्यता, इंटरेस्ट रेट, मंथली EMI और लोन की पूरी अवधि में चुकाए जाने वाले टोटल इंटरेस्ट पर पड़ता है। यह कैलकुलेटर दिखाता है कि अलग-अलग डाउन पेमेंट प्रतिशत आपकी EMI, टोटल इंटरेस्ट लागत को कैसे प्रभावित करते हैं, और अभी नकद खर्च करने बनाम आने वाले सालों में मंथली खर्च के बीच का ट्रेड-ऑफ क्या है।
📋 इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
कुल खरीद मूल्य और अपनी उपलब्ध डाउन पेमेंट राशि (या प्रतिशत) डालें। कैलकुलेटर लोन राशि, स्टैंडर्ड इंटरेस्ट रेट पर मंथली EMI, लोन अवधि में टोटल इंटरेस्ट, और एसेट की प्रभावी लागत (खरीद मूल्य + टोटल इंटरेस्ट) दिखाता है। डाउन पेमेंट में ₹1 लाख बढ़ाने पर लाइफटाइम इंटरेस्ट में कितनी बचत होती है, यह देखने के लिए तुलना टूल का उपयोग करें।
💡 मुख्य तथ्य और जानकारी
होम लोन के लिए RBI के LTV (Loan-to-Value) नियम: ₹30 लाख तक — अधिकतम 90% LTV (न्यूनतम 10% डाउन पेमेंट)। ₹30–75 लाख — अधिकतम 80% LTV (20% डाउन पेमेंट)। ₹75 लाख से ऊपर — अधिकतम 75% LTV (25% डाउन पेमेंट)। कार लोन: बैंक आमतौर पर एक्स-शोरूम प्राइस का 80–100% फाइनेंस करते हैं। पर्सनल लोन: 100% (कोई डाउन पेमेंट नहीं, लेकिन इंटरेस्ट रेट ज़्यादा होती है)। बड़े डाउन पेमेंट के फायदे: कम EMI, कम टोटल इंटरेस्ट, तेज़ी से इक्विटी बनना, लोन अप्रूवल की ज़्यादा संभावना, कभी-कभी कम इंटरेस्ट रेट। ट्रेड-ऑफ: डाउन पेमेंट में लगाई गई रकम को निवेश नहीं किया जा सकता — इसलिए 10–12% इक्विटी रिटर्न के मुकाबले 8–9% होम लोन इंटरेस्ट (खासकर टैक्स डिडक्शन के साथ) की अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट पर विचार करना चाहिए।