मार्कअप कैलकुलेटर
लागत और मार्कअप से बिक्री मूल्य जानें।
मार्कअप वह प्रतिशत है जो किसी उत्पाद की लागत में जोड़कर बिक्री मूल्य तक पहुँचा जाता है। यह मानक तरीका है जिसका उपयोग रिटेलर, थोक विक्रेता और निर्माता मूल्य निर्धारण के लिए करते हैं। मार्जिन से मुख्य अंतर यह है: मार्कअप की गणना लागत पर होती है, जबकि मार्जिन की गणना बिक्री मूल्य पर होती है। इससे काफी भ्रम पैदा होता है — 50% मार्कअप और 50% मार्जिन बहुत अलग-अलग संख्याएँ हैं। यह कैलकुलेटर मार्कअप और मार्जिन के बीच रूपांतरण करता है, और किसी भी लक्षित मार्कअप के लिए सही बिक्री मूल्य निकालता है।
📋 इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
बिक्री मूल्य और परिणामी ग्रॉस मार्जिन पाने के लिए अपनी लागत मूल्य और मार्कअप प्रतिशत दर्ज करें। या मार्कअप और मार्जिन दोनों प्रतिशत निकालने के लिए लागत और बिक्री मूल्य दर्ज करें। कन्वर्टर टैब आपको मार्कअप और मार्जिन के बीच तुरंत स्विच करने देता है — जब आप अलग-अलग परंपराओं का उपयोग करने वाले विभिन्न हितधारकों से बात करते हैं तो यह आवश्यक होता है।
💡 मुख्य तथ्य और जानकारी
मार्कअप से मार्जिन रूपांतरण: Margin = Markup / (1 + Markup)। मार्जिन से मार्कअप: Markup = Margin / (1 − Margin)। सामान्य जोड़े: 25% मार्कअप = 20% मार्जिन। 50% मार्कअप = 33.3% मार्जिन। 100% मार्कअप = 50% मार्जिन। 200% मार्कअप = 66.7% मार्जिन। भारतीय रिटेल में सामान्य मार्कअप: किराना 10–30%, कपड़े 50–200%, इलेक्ट्रॉनिक्स 10–20%, आभूषण 20–35% (मेकिंग चार्ज पर; सोना स्वयं स्पॉट मूल्य पर होता है), फार्मेसी 20–30%, रेस्तरां खाने की लागत पर 200–400%। GST की जटिलता: मार्कअप की गणना GST को छोड़कर लागत पर होनी चाहिए; फिर GST को अंतिम मूल्य में अलग से जोड़ा जाता है।