बिजनेस वैल्यूएशन कैलकुलेटर
कमाई के गुणक से व्यवसाय मूल्य जानें।
Estimate only — actual valuation depends on assets, growth, market conditions and due diligence.
बिज़नेस वैल्यूएशन यह अनुमान लगाता है कि किसी कंपनी की कीमत कितनी है — यह किसी बिज़नेस को बेचने, निवेश जुटाने, किसी प्रतिस्पर्धी को खरीदने या एस्टेट प्लानिंग के लिए ज़रूरी होता है। कोई एक "सही" मूल्य नहीं होता; उद्देश्य और खरीदार के प्रकार के आधार पर अलग-अलग तरीके अलग-अलग परिणाम देते हैं। यह कैलकुलेटर तीन सबसे आम वैल्यूएशन तरीकों को लागू करता है: Earnings Multiple तरीका (SMEs के लिए सबसे आम), Discounted Cash Flow (DCF) तरीका (सैद्धांतिक रूप से सबसे सटीक), और Asset-Based तरीका (न्यूनतम मूल्य)।
📋 इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
अपना वैल्यूएशन तरीका चुनें। Earnings Multiple के लिए: नेट प्रॉफ़िट (PAT), EBITDA, या रेवेन्यू दर्ज करें और उपयुक्त इंडस्ट्री मल्टीपल चुनें। DCF के लिए: 5 वर्षों का अनुमानित वार्षिक कैश फ़्लो, टर्मिनल ग्रोथ रेट, और डिस्काउंट रेट (WACC) दर्ज करें। Asset-Based के लिए: कुल संपत्ति और कुल देनदारियाँ दर्ज करें। कैलकुलेटर अनुमानित वैल्यूएशन रेंज दिखाता है और बताता है कि आपकी स्थिति के लिए कौन-सा तरीका सबसे उपयुक्त है।
💡 मुख्य तथ्य और जानकारी
भारत में SME वैल्यूएशन मल्टीपल (2024): IT सर्विसेज़ 1–3× रेवेन्यू या 8–15× EBITDA। मैन्युफ़ैक्चरिंग 4–6× EBITDA। रिटेल 0.3–0.8× रेवेन्यू। SaaS स्टार्टअप 5–15× ARR (ग्रोथ के आधार पर)। रेस्टोरेंट 3–5× EBITDA। हेल्थकेयर क्लीनिक 4–8× EBITDA। स्टार्टअप वैल्यूएशन के लिए: प्री-रेवेन्यू में तुलनीय ट्रांज़ैक्शन मल्टीपल या VC मेथड इस्तेमाल करें (Target valuation = Exit value / Expected ROI)। पोस्ट-रेवेन्यू: ग्रोथ रेट पर आधारित रेवेन्यू मल्टीपल। भारत के लिए DCF डिस्काउंट रेट: रिस्क-फ़्री रेट (10-वर्षीय G-Sec ~7%) + इक्विटी रिस्क प्रीमियम (5–7%) + कंपनी-विशिष्ट रिस्क प्रीमियम (2–5%) = SMEs के लिए 14–19%। सामान्य नियम: किसी स्थिर लाभदायक SME के लिए, वार्षिक नेट प्रॉफ़िट का 3–5× एक आम शुरुआती बिंदु है।