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परीक्षा स्कोर कैलकुलेटर

परीक्षा घटकों से भारित स्कोर जानें।

📐 Weighted Total = Σ(Weight% × Score%) ÷ 100

एग्जाम स्कोर कैलकुलेटर छात्रों को कई पेपरों में अपने परफॉर्मेंस को समझने, ओवरऑल पर्सेंटेज निकालने, टारगेट एग्रीगेट हासिल करने के लिए बाकी पेपरों में चाहिए मिनिमम मार्क्स पता करने, और हर सब्जेक्ट के मिनिमम पास मार्क्स के आधार पर पास/फेल स्टेटस तय करने में मदद करता है। यह डिस्टिंक्शन, फर्स्ट क्लास और मेरिट कट-ऑफ जैसे जरूरी थ्रेशोल्ड पार करने के लिए चाहिए मार्क्स भी कैलकुलेट करता है।

📋 इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें

हर पेपर/सब्जेक्ट के लिए मैक्सिमम मार्क्स और अपना स्कोर डालें। हर सब्जेक्ट का पास मार्क सेट करें (भारतीय यूनिवर्सिटीज़ में आमतौर पर 35–40%)। कैलकुलेटर हासिल मार्क्स, हर सब्जेक्ट का पर्सेंटेज, ओवरऑल पर्सेंटेज और पास/फेल स्टेटस दिखाता है। बाकी पेपरों में चाहिए मिनिमम स्कोर पता करने के लिए "टारगेट एग्रीगेट" फीचर का इस्तेमाल करें। डिस्टिंक्शन और मेरिट कैटेगरी स्टैंडर्ड भारतीय यूनिवर्सिटी बेंचमार्क के आधार पर दिखाई जाती हैं।

💡 मुख्य तथ्य और जानकारी

भारतीय यूनिवर्सिटी पास/डिस्टिंक्शन थ्रेशोल्ड: पास: हर सब्जेक्ट में 35–40% और 40–45% एग्रीगेट (यूनिवर्सिटी और लेवल के अनुसार अलग-अलग)। सेकंड क्लास: 45–50%। फर्स्ट क्लास: 60%। फर्स्ट क्लास विद डिस्टिंक्शन: 75%। मेरिट: टॉप 1–5% परीक्षार्थी। बोर्ड एग्जाम के संदर्भ में: CBSE क्लास 10 पास: हर सब्जेक्ट में 33%। क्लास 12: हर सब्जेक्ट में 33%। JEE Main 2024 जनरल कैटेगरी कटऑफ: लगभग 90 पर्सेंटाइल। NEET पास मार्क्स: जनरल कैटेगरी के लिए 50वां पर्सेंटाइल। प्रोफेशनल कोर्स मिनिमम: MBBS 50%; इंजीनियरिंग 40–45%; लॉ 45%। कई यूनिवर्सिटीज़ में यह जरूरी है कि एग्रीगेट 60% से ज्यादा होने पर भी किसी सब्जेक्ट में 35–40% से कम मार्क्स न हों।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अस्वीकरण: इस कैलकुलेटर द्वारा दिए गए परिणाम केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। ये वित्तीय, चिकित्सा या कानूनी सलाह नहीं हैं। वित्तीय या स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले हमेशा किसी योग्य पेशेवर से परामर्श करें। वास्तविक परिणाम व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।

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