अंक कैलकुलेटर
सभी विषयों में कुल अंक और प्रतिशत जानें।
मार्क्स कैलकुलेटर रॉ मार्क्स, पर्सेंटेज और ग्रेड क्लासिफिकेशन के बीच कन्वर्जन करता है। यह अलग-अलग अधिकतम मार्क्स वाले कई विषयों को हैंडल करता है, वेटेड पर्सेंटेज निकालता है, पासिंग मार्क्स से कम स्कोर वाले विषयों को पहचानता है, और टारगेट थ्रेशोल्ड पार करने के लिए बचे हुए विषयों में कितने मार्क्स चाहिए, उसका अनुमान देता है। यह Class 10, Class 12, अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट असेसमेंट के लिए बनाया गया है।
📋 इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
हर विषय के लिए विषय का नाम, अधिकतम मार्क्स और प्राप्त मार्क्स दर्ज करें। कैलकुलेटर हर विषय का मार्क्स पर्सेंटेज, ओवरऑल एग्रीगेट पर्सेंटेज, पास/फेल स्टेटस और ग्रेड क्लासिफिकेशन दिखाता है। प्लानिंग मोड यह दिखाता है कि आपके टारगेट पर्सेंटेज या ग्रेड को पाने के लिए बचे हुए विषयों में आपको कितने मार्क्स चाहिए।
💡 मुख्य तथ्य और जानकारी
भारत में एकेडमिक ग्रेड क्लासिफिकेशन के मानक: Class 10 CBSE — A1 (91–100%), A2 (81–90%), B1 (71–80%), B2 (61–70%), C1 (51–60%), C2 (41–50%), D (33–40%), E1/E2 (फेल)। Class 12 और यूनिवर्सिटी: 75%+ Distinction, 60–74% First Class, 50–59% Second Class, 40–49% Pass Class। IIT/NIT के संदर्भ में: एकेडमिक रैंक CPI (Cumulative Performance Index) पर आधारित होती है, ज्यादातर टॉप कंपनियां 7.5/10 CPI पर शॉर्टलिस्ट करती हैं। कॉलेज एडमिशन के लिए स्टेट बोर्ड पर्सेंटेज: अलग-अलग स्ट्रीम में कटऑफ 40% (आर्ट्स) से लेकर 95%+ (महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक के टॉप मेडिकल/इंजीनियरिंग कॉलेज) तक होता है।